Best Yaad Shayari Hindi  / Missing You Shayari In Hindi

Best Yaad Shayari Hindi  / Missing You Shayari In Hindi  प्रिय मित्रों, यहाँ आपके लिए सबसे अच्छा yaad shayari collaction  है। जब हमें किसी से भावनात्मक लगाव होता है, तो हम अक्सर उसे प्यार या करीबी दोस्त की तरह याद करते हैं। हम हमेशा उसे याद करते हैं जो हमारे दिल के बहुत करीब है। अगर वह समझता है, तो हम उसे बहुत याद करते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने आपके लिए Shayaries का एक नया संग्रह तैयार किया है, जैसे yaad shayari in hindi, आपको miss you shayari , best yaad shayari,  two line yaad shayari, best yaad shayari, i miss u shayari, new yaad shayari, yaad status and  yaad sms आप फेसबुक पर अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सएप भी साझा कर सकते हैं, और वे बता सकते हैं कि आप उन्हें कितना याद करते हैं ।

Best Yaad Shayari Hindi  / Missing You Shayari In Hindi



Best Yaad Shayari Hindi  / Missing You Shayari In Hindi



“सिसकियाँ लेता है वजूद मेरा गालिब,
नोंच नोंच कर खा गई तेरी याद मुझे।”

नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,
मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले..!!

ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा

रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ आई हर सांस के बाद!

रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ आई हर सांस के बाद!

मुझे कुछ भी नहीं कहना इतनी सी गुजारिश है,
बस उतनी बार मिल जाओ जितना याद आते हो।

हर एक पहलू तेरा मेरे दिल में आबाद हो जाये,
तुझे मैं इस क़दर देखूं मुझे तू याद हो जाये।

हम चाहे तो भी तुझे भुला नहीं सकते,
तेरी यादों से दामन चुरा नहीं सकते,
तेरे बिना जीना एक पल भी मुमकिन नहीं,
तुम्हें चाहते हैं इतना कि बता नहीं सकते।
मिसिंग यू...

दिन बीत जाते है सुहानी यादे बन कर
बाते रह जाती है कहानी बन कर
पर प्यार तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे
कभी मुस्कान तो कभी आंखो का पानी बन कर


इन आँखों ने भी दम तोड़ दिया तेरे आने के एतबार में
मुझे याद है वादा फरोशी तेरी तू ये इंतज़ार याद रखना

गम ने हसने न दिया ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया
थक के जब सितारों से पनाह ली
तो तेरी याद ने सोने न दिया!

जीने को कोइ बहाना बता दो…
तेरी याद में रोज़ मरती हूँ मैं…!!

मुस्कुराती आँखों से अफ़साना लिखा था,
शायद आपका मेरी ज़िन्दगी में आना लिखा था



तक़दीर तो देखो मेरे आँसू की उसको भी
तेरी याद मे बह जाना लिखा था

कभी फुर्सत मिले तो याद कर लेना,
हम तो एक हिचकी से भी खुश हो जाएंगे



कहीं ये अपनी मोहब्बत की इन्तेहाँ तो नहीं,
बहुत दिनों से तेरी याद भी नहीं आई।

काश तू भी बन जाए तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये।

ढूढ़ोगे उजड़े रिश्तों में वफ़ा के खजाने,
तुम मेरे बाद मेरी मोहब्बत को याद करोगे।

दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा,
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा,
हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो,
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा?

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं।

सरहदें तोड़ के आ जाती है किसी पंछी की तरह,
ये तेरी याद है जो बंटती नहीं मुल्कों की तरह।

हर रात रो-रो के उसे भुलाने लगे,
आँसुओं में उसके प्यार को बहाने लगे,
ये दिल भी कितना अजीब है कि,
रोये हम तो वो और भी याद आने लगे।

भूल जाना उसे मुश्किल तो नहीं है लेकिन,
काम आसान भी हमसे कहाँ होते हैं।

गुजर गई है मगर रोज याद आती है,
वो एक शाम जिसे भूलने की हसरत है।

जरूरी तो नहीं है कि तुझे आँखों से ही देखें,
तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नहीं।

तुझे भुलाने की कोशिश तो बहुत की ऐ सनम,
तेरी यादें गुलाब की साख हैं जो रोज महकती हैं।

आपसे दूर जाने का इरादा तो नहीं था,
साथ-साथ रहने का भी वादा तो नहीं था,
तुम याद आओगे ये जानते थे हम,
पर इतना याद आओगे अंदाज़ा नहीं था।

मेरे ख्वाबों का उसे कौन पता देता है,
नींद में आ के वो अक्सर ही जगा देता है।

एक कतरा ही सही आँख में पानी तो रहे,
ऐ मोहब्बत तेरे होने की निशानी तो रहे,
बस यही सोच के यादों को तेरी दे दी पनाह,
इस नये घर में कोई चीज पुरानी तो रहे।

तुम्हें सोचा तो हर सोच से खुशबू आई,
तुम्हें लिखा तो हर अल्फ़ाज महकता पाया।

हर पल की ख़ुशी आपकी याद में है,
हमारी हर हँसी आपके साथ में है,
दूर रहकर भी आपको याद करते हैं,
जरूर कोई प्यारी सी अदा आप में है।
मिसिंग यू...!!

कितना भी खुश रहने की कोशिश कर लो,
जब कोई बेहद याद आता है तो सच में बहुत रुलाता है।

मैं जहाँ हूँ अभी तेरी यादों में हूँ
जो गुजर रही मेरे बिन उन रातों में हूँ
इधर उधर मुड़के न देखो हमें,
नशा बन के अभी तेरी आँखों में हूँ।


मेरे जाने का तू अब कोई ग़म न करना,
अपनी खूबसूरत आँखों को नम न करना,
मेरे अरमान तो मेरे दिल में ही जल गये,
मेरी यादों को दिल से कम न करना।

उसकी याद आई है साँसों जरा अहिस्ता चलो,
धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है।


नहीं है कुछ भी मेरे दिल में सिवा उसके,
मैं उसे अगर भुला दूँ तो याद क्या रखूँ।

तुझे याद कर लूं तो मिल जाता है सुकून,
मेरे गमों का इलाज भी कितना सस्ता है।

मैं उसको भूल गया हूँ यह कौन मानेगा,
किसी चिराग के बस में धुआँ नहीं होता।

ये रस्म-ए-उल्फ़त इजाज़त नहीं देती वरना,
हम तुम्हे ऐसे भूलेंगे कि तुम सदा रखोगे।

कहेगा झूठ वो हमसे तुम्हारी याद आती है,
कोई है मुन्तजिर कितना ये लहजे बोल देते हैं।



अगर रुक जाये मेरी धड़कन तो इसे मौत न समझना,
ऐसा हुआ है अक्सर तुझे याद करते करते।

मुझे मार ही न डाले ये बादलों की साजिश,
ये जब से बरस रहे हैं मुझे तुम याद आ रहे हो।

सोचा था कि मिटाकर सारी निशानियाँ,
चैन से सो जायेंगे,
बंद आँखो ने अक्स देखा तेरा,
तो बेचैन दिल ने पुकारा तुझको। मिसिंग यू...

तेरी यादों का जहर फैल गया है दिल में,
मैंने बहुत देर कर दी है तुझे भुलाने में।

किस तरह से मुझसे है तेरी याद को हमदर्दी,
देखती है मुझे तन्हा... तो चली आती है।

तड़पते हैं न रोते हैं न हम फ़रियाद करते हैं,
सनम की याद में हरदम खुदा को याद करते हैं,
उन्हीं के इश्क़ में हम दर्द की फरियाद करते हैं,
इलाही देखिये किस दिन हमें वो याद करते हैं।

हसरत नहीं, अरमान नहीं, आस नहीं है,
यादों के सिवा कुछ भी मेरे पास नहीं है।

वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनिया में हम सबसे खुशनसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते हैं आपको,
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

मिटाओगे कहाँ तक तुम मेरी यादें मेरी बातें,
मैं हर मोड़ पर अपनी निशानी छोड़ जाऊंगा।

बहुत जी चाहता है क़ैद-​ए​-​जाँ से निकल जायें​,
तुम्हारी याद भी लेकिन इसी मलबे में रहती है।

दूर रह कर करीब रहने की आदत है,
याद बन के आँखों से बहने की आदत है,
करीब न होते हुए भी करीब पाओगे,
मुझे एहसास बनकर रहने की आदत है।

उसकी धड़कन में मेरी याद अभी बाकी है,
ये हकीकत मेरे जीने के लिए काफी है।

ख्याल आँधी है उसका कि दिल काँप जाता है,
मेरे उदास ख्यालों किवाड़ मत खोलो।

जो पुकारता था हर घड़ी
जो जुड़ा था मुझसे लड़ी-लड़ी,
वो शख्स अगर कभी मुझे
भूल जाये तो क्या करें।

याद करते हैं हम आज भी उन्हें पहले की तरह,
कौन कहता है फासले मोहब्बत की याद मिटा देते हैं।

अभी तक दिल में रोशन हैं तुम्हारी याद के जुगनू
अभी इस राख में चिंगारियाँ आराम करती हैं।

अकेलेपन का इलाज़ होती हैं यादें,
बहुत ही हसीन सी होती हैं यादें,
यूँ तो बोलने को कुछ भी नहीं हैं,
पर मानने को किसी का साया हैं यादें।

वो अपनी ज़िन्दगी में हो गए मसरूफ इतने कि,
किस-किस को भूल गए अब उन्हें भी याद नहीं।

तेरी यादें भी मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं,
तन्हा होता हूँ तो लेकर बैठ जाता हूँ।

तेरी यादों की कोई मंजिल होती तो अच्छा था,
खबर तो रहती कितना सफ़र तय करना है।

मेरे काबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया,
वो मेरा भूलने वाला जो मुझे याद आया।

वो दिन दिन नहीं वो रात-रात नहीं,
वो पल पल नहीं जिस पल आपकी बात नहीं,
आपकी यादों से मौत हमें अलग कर सके,
मौत की भी इतनी औकात नहीं।

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत याद करता है मेरा दिल तुम्हें
ख्वाबों में आके यूँ तड़पाया ना करो।

खुल जाता है तेरी यादों का बाज़ार सरेआम,
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए।

कुछ नये सपने उसी के देखना है फिर मुझे,
सो गया हूँ मैं बहा कर जिसकी यादें आँख से।

तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ
दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की।

कभी याद आती है कभी उनके ख्वाब आते हैं,
मुझे सताने के सलीके तो उन्हें बेहिसाब आते हैं।

इस तरह दिल में समाओगे सोचा न था,
दिल को इतना तड़पाओगे सोचा न था,
मालूम था कि दूर हो तो याद तो आओगे,
मगर इस कदर याद आओगे सोचा न था।

बड़ा अजीब सा ज़हर था उसकी याद में,
पूरी उम्र गुजर गई मरते-मरते।

मसरूफ़ ज़िन्दगी में तेरी याद के सिवा,
आता नहीं है कोई मेरा हाल पूछने।

बदली सावन की कोई जब भी बरसती होगी,
दिल ही दिल में वह मुझे याद तो करती होगी,
ठीक से सो न सकी होगी कभी ख्यालों से मेरे,
करवटें रात भर बिस्तर पे बदलती होगी।

भुला दिया है मुझे ज़ालिम ने आदतन भी मगर,
वो बात कि जिससे याद आऊँ मुझ में थी भी नहीं।

उसे यकीन था खुद पे कि भूल जायेगा मुझे,
हमें भी दिल पे भरोसा था और याद रक्खे हैं।

उसे जब याद आएगा वो पहली बार का मिलना,
तो पल-पल याद रखेगा या सबकुछ भूल जायेगा,
उसे जब याद आएगा गुजरे मौसम का हर लम्हा,
तो खुद ही रो पड़ेगा या खुद ही मुस्कुराएगा।

दो लफ्ज़ क्या लिखे तेरी ‪याद‬ में हमने,
लोग कहने लगे तू आशिक़ बहुत पुराना है।

काश तू भी बन जाए तेरी यादों की तरह,
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये।

यह माना के हम से वो खफा रहे होंगे,
हो सकता है वो हमें आजमा रहे होंगे,
हम उतनी ही शिद्दत से याद करेंगे उन्हें,
जितनी शिद्दत से वो हमें भुला रहे होंगे।

जब से तेरी चाहत अपनी ज़िन्दगी बना ली है,
हम ने उदास रहने की आदत बना ली है,
हर दिन हर रात गुजरती है तेरी याद में,
तेरी याद हमने अपनी इबादत बना ली है।

किस जगह रख दूँ तेरी याद के चिराग को,
कि रोशन भी रहूँ और हथेली भी ना जले।

बुझा भी दो सिसकते हुए यादों के चिराग,
इनसे कब हिज्र की रातों में उजाला होगा।

याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखें बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी।

नया कुछ भी नहीं हमदम
वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है
तुम्हीं को याद आना है।

कभी यूँ भी हो कि बाज़ी पलट जाए सारी,
उसे याद सताए मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं।

भीगते हैं जिस तरह से
तेरी यादों में डूब कर,
इस बारिश में कहाँ वो कशिश
तेरे खयालों जैसी।

बेताब से रहते हैं तेरी याद में अक्सर,
रात भर नहीं सोते हैं तेरी याद में अक्सर,
जिस्म में दर्द का बहाना सा बना कर,
हम टूट कर रोते हैं तेरी याद में अक्सर।

बिछड़ी हुई राहों से जो गुजरे हम कभी,
हर मोड़ पर खोई हुई एक याद मिली है।

ना कर जिद अपनी हद में रह ए दिल,
वो बड़े लोग है मर्जी से याद करते है।

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

याद करता है कोई मुझे शिद्दत से,
जाता क्यों नही मेरा ये वहम मुद्दत से।

हर रोज हर वक्त तेरा ही तेरा ख्याल,
ना जाने कौन से कर्ज की किश्त हो तुम।

पता नहीं होश में हूँ या बेहोश हूँ मैं ..
पर बहुत सोच समझकर ख़ामोश हूं मैं..!!

दोस्ती का फ़र्ज़ यूँ ही निभाते रहेंगे,
वक्त बेवक्त आपको सताते रहेंगे,
दुआ करो के उम्र लम्बी हो हमारी,
वरना याद बन के आपको सताते रहेंगे.

कुछ मीठे पल हमेशा याद आते है
पलकों पे आंसू छोड़ जाते है
कल कोई और मिले तो हमें न भूलना
क्योंकि दोस्ती के रिश्ते जिंदगी भर काम आते है!!

पत्थर बना दिया मुझे रोने नहीं दिया
दामन भी तेरे ग़म ने बिगहोने नहीं दिया..!!
तन्हाईयाँ तुम्हारा पता पूछती रहीं,
रात भर तुम्हारी याद ने सोने नहीं दिया..
आँखों में आकर बैठ गई आँसूं की लहर
पलकों पे कोई ख़्वाब पिरोने नहीं दिया..!!

हम वो फूल है जो रोज़ रोज़ नहीं खिलते,
है वो होंठ हैं जो कभी नहीं सिलते,
हम से बिछडो गे,
तो एहसास होगा तुम्हें,
हम वो दोस्त हैं जो रोज़ रोज़ नहीं मिलते.

हर दूरी मिटानी पड़ती है,
हर बात बतानी पड़ती है,
लगता है दोस्तों के पास वक़्त ही नहीं है,
आज कल.. खुद अपनी याद दिलानी पड़ती है.

बरसात तो थम जाती हैं पर यादें नहीं..
रोज-रोज मौसम का बदलना अच्छा नहीं। ?

मिलते रहिए, हाल-चाल पूछते रहिए,
ना जाने कब कोई एक याद बन कर रह जाएँ।

साथ भींगे बारिश में ये मुमकिन नहीं,
चलो भींगे यादो में तुम कहीं, मैं कहीं। ❤️️

शिकायत उन्हें कि हम याद नहीं करते,
भूलें ही कहां थे उन्हें जो याद करते।

उन्हे ये जिद थी कि हम बुलाते
हमें ये उम्मीद वो पुकारे।

एक तमना थी जो अब हसरत बन गई,
कभी दोस्ती थी अब मोहब्बत बन गई,
कुछ इस तरह शामिल हुए तुम ज़िंदगी में के..
तुम को सोचते रहना मेरी आदत बन गई।

बारिश की आवारगी ने हर रुत ही बदल डाली,
जिन्हें मुश्किल से भूले थे वो फिर याद आने लगे।

हर रोज हर वक्त तेरा ही तेरा ख्याल,
ना जाने कौन से कर्ज की किश्त हो तुम।

बरसात तो थम जाती हैं पर यादें नहीं..
रोज-रोज मौसम का बदलना अच्छा नहीं।
B

साथ भीगे बारिश में ये मुमकिन नहीं,
चल भीगी यादों में तुम कहीं, मैं कहीं।



मिलते रहिए, हाल-चाल पूछते रहिए,
ना जाने कब कोई एक याद बन कर रह जाएँ।

हम तुम्हे याद करेंगे, तुम हमे याद करना..!
देखते है हिचकियां किसे आती है..!! 💓

मेरे बिना खुश रहे तू जमाने में..
के आऊ न मै याद भी अनजाने में..!

कभी कभी किसी अपने की इतनी याद आती है
की Rone की लिए रात भी कम पड़ जाती है

तुम्हारी याद ऐसे महफूज है मेरे दिल में
जैसे किसी गरीब ने रकम रख्खी हो तिजोरी में



Post a Comment

Previous Post Next Post